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कुशल कार्यबल में वृद्धि और लघु उद्यमों की उत्पादकता भारत में रोजगार सृजन को बढ़ा सकते हैं: NCAER रिपोर्ट

PNS Bureau,12 Nov,2025:-

प्रमुख निष्कर्ष

– कुशल कार्यबल तथा लघु उद्यमों की उत्पादकता में सुधार से भारत में रोजगार सृजन में प्रभावी वृद्धि संभव है।
– श्रम-गहन विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने से GDP को 8% के करीब स्थिर रखना संभव।
– केवल 1% अधिक क्रेडिट उपलब्ध होने से नियोजित श्रमिकों की संख्या में 45% तक वृद्धि संभव।

रिपोर्ट का परिचय

11 दिसंबर 2025 को NCAER की रिपोर्ट “India’s Employment Prospects: Pathways to Jobs” का विमोचन उपाध्यक्ष मनीष सभरवाल द्वारा किया गया।
मुख्य शोधकर्ता प्रो. फरज़ाना अफ़रीदी की टीम ने कुशलता एवं उद्यम विकास को रोजगार वृद्धि का आधार बताया।

रिपोर्ट के मुख्य बिंदु

1. स्वरोज़गार वृद्धि रोजगार के प्रमुख स्रोत के रूप में उभर रही है।
2. डिजिटल तकनीक का उपयोग करने वाले उद्यम अधिक श्रमिक रोजगार देते हैं।
3. मध्यम-कुशल नौकरियों की भूमिका सेवाओं में रोजगार वृद्धि में महत्वपूर्ण।
4. कुशल कार्यबल में 12 प्रतिशत अंक वृद्धि से 2030 तक 13% से अधिक रोजगार वृद्धि संभव।
5. 9 प्रतिशत अंक की वृद्धि से 9.3 मिलियन नए रोजगार सृजित हो सकते हैं।

विशेषज्ञ टिप्पणियाँ

– डॉ. G.C. मन्ना ने कहा कि रिपोर्ट उन क्षेत्रों को रेखांकित करती है जिनमें रोजगार वृद्धि की उच्च क्षमता है।
– प्रो. आदित्य भट्टाचार्य के अनुसार, रिपोर्ट भारत को वैश्विक संदर्भ में रखकर सुधार की संभावनाएँ दिखाती है।

नीति-सम्बंधित सिफ़ारिशें

– लघु एवं श्रम-गहन उद्योगों के लिए प्रोत्साहन योजनाओं का पुनर्निर्देशन।
– पर्यटन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में नीति समर्थन देकर समावेशी रोजगार सृजन को बढ़ावा देना। (PNS)

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